जैतून के तेल के प्रकार और फायदे

ओलिव आयल को हिंदी भाषा में जैतून का तेल कहा जाता है | जैतून तेल दुनिया के सबसे स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित तेलों में से एक है | जिन देशों के लोग इस तेल को प्रयोग करते आ रहे हैं उनमें दिल की बीमारी का खतरा और रक्तचाप की समस्या बहुत कम पाई जाती है |

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार जिन क्षेत्रों में इस तेल का अधिक प्रयोग किया जाता है वहां दिल की बीमारी से मरने वाले लोगों की संख्या पूरी दुनिया के मुकाबले सबसे कम है |

यही वजह इस तेल को हेल्थ के लिए एक अच्छा तेल बनाती है | अगर आप नयी नयी रेसिपीज के शौक़ीन हैं तो अपने जरूर बहुत से शेफ्स को ओलिव आयल इस्तेमाल करने की सलाह देते देखा होगा |

खाने पीने के शौक़ीन और शेफ्स में ये तेल बहुत ज्यादा पॉपुलर है | इसके फैट्स में मुख्य रूप से मोनोसैचुरेटेड फैट होता है जो इसे सेहत के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है |

बाजार में आपको बहुत से प्रकार के ओलिव आयल मिल जाएंगें लेकिन उन सबमें एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल को हेल्थ के लिए सबसे अच्छा माना जाता है | कुछ डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स तो इसे तरल सोना भी कहते हैं |

इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं जैतून के तेल के फायदे, प्रकार और इसे कैसे प्रयोग करके आप खुद को स्वस्थ रख सकते हैं |

जैतून के तेल के फायदे
जैतून के तेल के फायदे

जैतून के तेल के प्रकार

जैतून तेल मुख्यत चार प्रकार का होता है | इस तेल को निकालने के तरीके के आधार पर इसे इन चार वर्गों में बांटा गया है | इनमें सबसे उत्तम गुणवत्ता वाला तेल एक्स्ट्रा वर्जिन और सबसे कम गुणवत्ता वाला पॉमस ओलिव आयल होता है | आइये देखते हैं किस किस प्रकार का होता है ओलिव आयल |

  • एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल
  • वर्जिन ओलिव आयल
  • रिफाइंड या प्योर ओलिव आयल
  • पॉमस ओलिव आयल

एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल

ताजे ऑलिव्स से उन्हें पहली बार दबाकर सबसे पहले जो तेल निकाला जाता है उसे एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल कहते हैं | इस तरीके से ऑलिव्स को तोड़ने के 24 घंटे के भीतर ही उनका तेल निकाल लिया जाता है |

यह सबसे शुद्ध तेल होता है | इसमें बिना कोई केमिकल मिलाए सिर्फ दबाकर ही तेल निकाला जाता है | इस तकनीक में कोल्ड प्रेसिंग के जरिए तेल को निकाला जाता है जिसमें तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जाता |

इस तेल में एसिडिटी लेवल सबसे कम होता है | स्वाद, खुशबू और पोषक तत्वों के मामले में ये तेल सबसे उत्तम क़्वालिटी का तेल होता है | अगर प्राइस की बात करें तो ये सबसे महंगा भी होता है |

वर्जिन ओलिव आयल

इस तरह का जैतून का तेल भी पहली बार प्रेसिंग करके तैयार किया जाता है | लेकिन इस तरह के तेल को निकालने के लिए उतने कड़े मानकों का अनुसरण नहीं किया जाता | स्वाद, खुशबू और पोषक तत्वों के मामले में ये एक्स्ट्रा वर्जिन से थोड़ा कम अच्छा होता है |

इस आयल में एसिडिटी की मात्रा एक्स्ट्रा वर्जिन से थोड़ी अधिक हो सकती है | प्राइस के मामले में ये थोड़ा सस्ता होता है |

रिफाइंड या प्योर ओलिव आयल

मार्किट में उसे प्योर, लाइट और क्लासिक जैसे नामों से बेचा जाता है | पहली बार प्रेसिंग करने के बाद जो ऑलिव्स बच जाते हैं, हीट और केमिकल्स की मदद से उनमें से तेल को पूरी तरह से निकाल लिया जाता है जिसे रिफाइंड ओलिव आयल कहते हैं |

इसमें एसिडिटी और फैट्स की मात्रा ज्यादा होती है | इसका स्वाद और खुशबू भी ज्यादा अच्छे नहीं होते | साथ ही इसमें पोषक तत्व और एंटी ऑक्सीडेंट्स भी कम होते हैं| इसका स्वाद, खुशबू और रंग अच्छा बनाने के लिए इसमें एक्स्ट्रा वर्जिन या वर्जिन जैतून तेल मिलाया जाता है |

पॉमस ओलिव आयल

यह ओलिव आयल का सबसे लोवेस्ट ग्रेड होता है | एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल बनाने की प्रक्रिया में जो अवशेष बच जाते हैं उनसे इस तेल को तैयार किया जाता है | ऑलिव्स के बीज, छिलके और पल्प से अधिक तापमान पर हेक्सेन नाम के साल्वेंट की मदद से तेल को अलग किया जाता है |

इस तरह से बना तेल सबसे लोअर क़्वालिटी का होता है | इसका रंग, टेस्ट उतना अच्छा नहीं होता और इसमें पोषक तत्वों की मात्रा बहुत कम होती है | रंग, टेस्ट और स्वाद के लिए इसमें एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल मिलाया जाता है |

क्या जैतून तेल को खाना बनाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं ?

जैतून तेल को खाना बनाने के लिए रोजाना प्रयोग किया जा सकता है | कुछ लोगों का मानना है कि ओलिव आयल को भारतीय खाना बनाने में प्रयोग नहीं करना चाहिए | क्यूंकि बहुत अधिक तापमान पर उसके गुण ख़तम हो जाते हैं | कुछ लोग तो यहाँ तक कहते हैं कि इससे भोजन जहरीला हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं है |

जैतून तेल के अलग अलग ग्रेड या प्रकार है | जिनमें एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव आयल को सेहत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है और जो सबसे महंगा जैतून तेल है | बहुत अधिक तापमान पर हर प्रकार के तेल के फायदे कुछ कम हो जाते हैं  |

बहुत अधिक तापमान पर खाना बनाने या डीप फ्राई के लिए प्योर या पॉमस आयल (ओलिव आयल का लोअर ग्रेड) का प्रयोग किया जा सकता है | ये एक्स्ट्रा वर्जिन और वर्जिन ओलिव ओलिव के मुकाबले सस्ता भी है |  

जैतून के तेल के फायदे

जैसा कि हम जानते हैं कि ओलिव आयल के फायदे बहुत से हैं और इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स और मोनोसैचुरेटेड फैट्स इसे एक अच्छा विकल्प बनाते हैं | आइये देखते हैं इस तेल के कौन कौन से फायदे हैं |

  • जैतून का तेल चेहरे के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है | क्यूंकि इसमें त्वचा की रंगत को बढ़ाने वाले और चेहरे को सुन्दर बनाने वाले विटामिन इ और ए पाए जाते हैं |
  • जैतून के तेल की मालिश शरीर में खून के दौरे को बढ़ा देती है | इससे शरीर की कमजोर नसों तक खून का दौरा बढ़ जाता है और उनमें ताक़त का संचार होने लगता है |
  • इसमें केवल 24 % सैचुरेटेड फैट्स पाए जाते हैं | जिसकी वजह से इस तेल का प्रयोग करने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है और दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है |
  • इस तेल में एंटी ऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है | इसे चेहरे पर लगाने से चेहरे पर झुर्रियां नहीं पड़ती और ये एक एंटी एजिंग की तरह से काम करता है |
  • विटामिन इ की अच्छी मात्रा होने के कारण ये त्वचा के लिए एक मॉइस्चराइजर का काम करता है और त्वचा को सूर्य की हानिकारक विकिरणों से भी बचाता है |
  • जैतून तेल को गुर्दे की पथरी के लिए फायदेमंद माना जाता रहा है | इसे पानी में मिला कर लेने से गुर्दे की पथरी जल्दी निकल जाती है |
  • ओलिव आयल शरीर में बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है | जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है |
  • जैतून के तेल में मोनोसैचुरेटेड फैट अधिक होने के कारण इसका प्रयोग करने से शरीर का वजन नहीं बढ़ता |
  • जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है उन्हें जैतून के तेल का प्रयोग करना चाहिए | इसका प्रयोग करने से मल आसानी से शरीर से बाहर निकल जाता है |
  • जैतून तेल मधुमेह की बीमारी होने से बचाता है और शरीर में शर्करा का स्तर नहीं बढ़ने देता |
  • कुछ रिसर्च में ये पता चला है कि ये दिमाग के लिए भी बहुत उपयोगी है और भूलने की बीमारी को होने से रोकता है |
  • बालों पर इसका प्रयोग बालों को लम्बा  बनाता है | इसका प्रयोग करने से बालों का झड़ना, टूटना व डैंड्रफ की समस्या दूर होती है |
  • ओलिव आयल की मालिश जोड़ों में होने वाले दर्द व सूजन से राहत दिलाती है | आर्थराइटिस के दर्द को कम करने में भी इसका प्रयोग लाभकारी है |
  • जैतून तेल में पाए जाने वाले कंपाउंड्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी शरीर की रक्षा करते हैं |

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